पहले ही सीख लिया था हमने तनहाई में जीना
छाव ठंडी ही दूंगा, बेशक पत्तो में कड़वाहट हो गई…!
तन्हाई में आँखों से जब भी आँसू गिरते हैं,
शिकायत हमसे है, या किसी और से मुलाकात हो गई…!
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
चेहरे से ही समझ आ जाता है… उदासी का कारण इश्क है या पैसा।
टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
फिर सब वैसा ही होगा, जैसी ये ज़मीं होगी।
होंठों पर हँसी है… और आवाज़ में दर्द के छाले हैं।
आज कल लोग मिलते किसी से है और होते किसी के हैं…!!!
ये नज्में गजले छोड़ो तुम्पर किताब लिख देता हु…!!!
भरोसा ऐसे ही नही टूटा मेरा मैने देखा है,
ब्रेकअप Sad Shayari in Hindi के बाद कौन सी शायरी लिखनी चाहिए?